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Uttarakhand: चमोली में टूटा ग्‍लेशियर, 7 की मौत, 6 घायल, 170 लोग लापता

Last Updated on February 19, 2021, 3:54 PM by team

नई दिल्‍ली. उत्‍तराखंड (Uttarakhand) में एक बार फिर 2013 की केदारनाथ त्रासदी (Kedarnath) जैसा खतरा छाया है. रविवार को सुबह अचानक चमोली जिले (Chamoli) के तपोवन इलाके (Tapovan) के रैणी गांव (Raini village) के ऊपर पहाड़ी इलाके में बड़ा ग्‍लेशियर (Chamoli Glacier Burst) टूट गया है. इससे धौलीगंगा नदी (Dhauliganga river) में जल सैलाब आ गया. कुछ ही सेकंड में आए इस जल सैलाब के कारण निचले इलाकों में कई घर क्षतिग्रस्‍त बताए जा रहे हैं. खतरे को देखते हुए निचले इलाकों (Alaknanda) को खाली कराया जा रहा है. साथ ही रेस्‍क्‍यू टीमें भी वहां भेज दी गई हैं.

स्‍टेट डिजास्‍टर मैनेजमेंट सेंटर के अनुसार इस प्रलय में 7 लोगों की मौत हुई है. साथ ही 6 लोग घायल हैं. इसके अलावा करीब 170 लोगों के लापता होने की खबर है. मौके पर राहत कार्य चलाया जा रहा है. तपोवन में एक सुरंग में फंसे सभी 16 लोगों को आईटीबीपी ने बचा लिया है.

उत्‍तराखंड के चमोली में टूटा ग्‍लेशियर

रविवार सुबह करीब 9 से 10 बजे के बीच उत्‍तराखंड (Uttarakhand) के चमोली (Chamoli) में ग्‍लेशियर (Glacier) टूटने की यह घटना हुई है. धौली गंगा नदी (Dhauliganga River) में आए इस जलसैलाब में बड़ी मात्रा में कीचड़ और पत्‍थर भी हैं. इस कारण रैणी गांव (Raini Village) में स्थित पावर प्रोजेक्‍ट को भी काफी नुकसान हुआ है.

Uttarakhand Glacier Burst: 170 लोग लापता

इस पूरी घटना को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने उत्‍तराखंड के चीफ सेक्रेटरी, केंद्रीय गृह सचिव और गृह राज्‍य मंत्री नित्‍यानंद राय से जानकारी ली है. वहीं उत्‍तराखंड के चीफ सेक्रटरी ओम प्रकाश ने आशंका जताई थी कि इस प्रलय में कम से कम 100 से 150 लोगों की मौत हो सकती है. आईटीबीपी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ मौके पर भेजे गए हैं. इस प्रलय में 170 लोग लापता हुए हैं. उनकी तलाश जारी है.

हरिद्वार (Haridwar) तक छाया था खतरा

अब यह जलसैलाब तेजी से हरिद्वार (Haridwar) की ओर बढ़ रहा था. पानी की रफ्तार को रोकने के लिए श्रीनगर में बंधे बांध का सहारा लिया गया.  अब अलकनंदा नदी के पानी का बहाव कम हो गया है. यह अब खतरे के निशान से नीचे ही बह रही है. हालांकि एहतियात के तौर पर उत्‍तराखंड और उत्‍तर प्रदेश के गंगा किनारे के गांव खाली कराए गए हैं.

 

Uttarakhand के CM त्रिवेंद्र ने ली पूरी जानकारी

इस पूरी घटना पर उत्‍तराखंड के मुख्‍यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि अलकनंदा नदी (Alaknanda) के आसपास रह रहे लोगों वहां से हटाकर सुरक्षित स्‍थान तक पहुंचाया जा रहा है. एहतियात के तौर पर भागीरथी के वेग को रोक दिया गया है. अब अलकनंदा नदी के वेग को रोकने के लिए श्रीनगर और ऋषिकेश बांध भी खाली कर दिए गए हैं. एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर भेजी जा रही हैं.

 

वहीं उत्‍तराखंड की चमोली पुलिस का कहना है कि इस ग्‍लेशियर टूटने आए जलसैलाब में तपोवन में स्थित ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्‍ट को काफी नुकसान हुआ है. अलकनंदा नदी के आसपास स्थित इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्‍थानों पर जाने की सलाह दी गई है.

उत्‍तराखंड में कई रेस्‍क्‍यू टीमें पहुंचीं

गृह राज्‍य मंत्री नित्‍यानंद राय ने मीडिया को जानकारी दी है कि आईटीबीपी की दो टीमें और एनडीआरएफ की 3 टीमों को घटनास्‍थल पर भेजा जा रहा है. इसके अलावा भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्‍टर भी वहां रेस्‍क्‍यू के लिए भेजे जा रहे हैं. अतिरिक्‍त 3 टीमें भी मौके पर भेजी जा रही हैं. एसडीआरएफ और स्‍थानीय प्रशासन पहले से ही मौके पर हैं. ये सभी टीमें मिलकर काम कर रही हैं.

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