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हाथरस गैंगरेप पीड़िता के भाई ने की DM के निलंबन की मांग, कहा- हमें खुलेआम डराया गया

Last Updated on October 3, 2020, 7:35 PM by team

नई दिल्‍ली. उत्‍तर प्रदेश (Uttar pradesh) के हाथरस गैंगरेप मामले (Hathras gangrape case) को लेकर पूरे देश में नाराजगी व्‍याप्‍त है. अधिकांश जगह न्‍याय की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं. इस बीच राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और प्रियंका गांधी (Priyanka gandhi) भी शनिवार को हाथरस (Hathras) जाकर पीड़िता के परिवार से मिलने वाले हैं. वहीं इस बीच पीड़िता (Hathras case) के भाई ने मामले की जांच पर असंतुष्टि जाहिर की है. पीड़िता के भाई का कहना है, ‘मौजूदा समय में चल रही मामले की जांच से हम लोग संतुष्‍ट नहीं हैं. यहां के जिलाधिकारी (Hathras DM) , जिन्‍होंने हमें खुलेआम धमकाया, उन्‍हें अब तक सस्‍पेंड नहीं किया गया है.’

बता दें कि हाथरस के डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार का एक वीडिया पिछले दिनों वायरल हुआ था, जिसमें वह पीड़िता के परिवार से यह कहते हुए दिखाई दे रहे थे कि मीडिया वाले आज यहां हैं, कल वो चले जाएंगे. प्रशासन और आपको तो यहीं रहना है.  हाथरस की घटना पर मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ (Yogi Adityanath) ने शुक्रवार को कड़ा रुख अपनाया था. शासन की ओर से मामले में कार्रवाई करते हुए एसपी, तत्‍कालीन क्षेत्राधिकारी और प्रभारी निरीक्षक समेत कई अफसरों को निलंबित कर दिया गया है.

अपर मुख्‍य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्‍थी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी थी. अवनीश अवस्‍थी और यूपी के डीजीपी एचसी अवस्‍थी ने शनिवार को हाथरस में पीड़िता के घर जाकर उसके परिवारवालों से भी मुलाकात की है.

 

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने हाथरस गैंगरेप को मामला बढ़ने के बाद जांच के लिए एसआईटी गठित की थी. साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भी इस मामले में सख्‍त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे. एसआईटी की रिपोर्ट मिलने के बाद लापरवाही बरतने के आरोप में एसपी विक्रांत वीर, तत्‍कालीन क्षेत्राधिकारी राम शब्‍द, तत्‍कालीन प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार वर्मा, वरिष्‍ठ उपनिरीक्षक जगवीहर सिंह, हेड मुहर्रिर महेश पाल को सस्‍पेंड कर दिया गया था. विनीत जायसवाल को हाथरस का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है. सभी आरोपियों का नार्को टेस्‍ट भी कराने को कहा गया है.

हाथरस गैंगरेप केस की जांच करने के लिए गठित एसआईटी ने अपना काम पूरा कर लिया है. इसके बाद हाथरस में पीड़िता के गांव के बाहर लगे अवरोधकों को हटा लिया गया है. अब मीडिया और पांच लोगों को कोई भी समूह हाथरस जा सकता है. बता दें कि गैंगरेप की घटना के बाद दलित पीड़िता ने मंगलवार को दिल्ली के अस्पताल में दम तोड़ दिया था. बुधवार रात के अंधेरे में ही पुलिस-प्रशासन की ओर से उसके घर के पास ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया था. वहीं परिवार ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने उनपर जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करने का दबाव बनाया है.

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