Supreme court

हाथरस केस: UP सरकार ने SC में कहा- हिंसा ना भड़के, इसलिए रात में किया पीड़िता का अंतिम संस्‍कार

Last Updated on October 7, 2020, 12:01 AM by team

नई दिल्‍ली. हाथरस गैंगरेप पीड़िता (Hathras Gangrape case) की दिल्‍ली के अस्‍पताल में हुई मौत के बाद पुलिस-प्रशासन द्वारा हाथरस (Hathras) में उसके गांव में रात में किए गए उसके अंतिम संस्‍कार के बाद उत्‍तर प्रदेश की योगी सरकार लोगों के निशाने पर आ गई थी. परिजनों को भी पीड़िता का चेहरा तक नहीं दिखाया गया था. अब इस मामले में यूपी सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में हलफनामा दाखिल किया है. इसमें उसने दलील दी है कि जिला प्रशासन ने पीड़िता के परिवार को रात में उसका दाह संस्‍कार करने के लिए राजी कर लिया था. ताकि सुबह किसी भी बड़े स्‍तर की हिंसा से बचा जा सके. सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में यह भी कहा है कि इंटेलीजेंस रिपोर्ट के अनुसार सुबह क्षेत्र में लाखों प्रदर्शनकारियों के एकत्र होने की भी सूचना थी. यह भी आशंका थी कि वे इस मुद्दे को जातीय एंगल दे सकते हैं.

वहीं हाथरस मामले (Hathras gangrape) में यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से हाथरस मामले में सीबीआई जांच का निर्देश देने का अनुरोध किया है. उत्तर प्रदेश सरकार ने कोर्ट को बताया कि उसने पहले ही केंद्र से हाथरस मामले में सीबीआई जांच कराने का अनुरोध किया है. सीबीआई जांच सुनिश्चित करेगी कि कोई अपने स्वार्थ से गलत और झूठी साजिश नहीं रच पाएगा. यूपी सरकार ने हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि वह निष्पक्ष जांच में उत्पन्न की जा रही बाधाओं से बचने के लिए सीबीआई जांच कराने का आदेश देने का अनुरोध कर रही है.

वहीं हाथरस गैंगरेप केस में यूपी सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में विपक्षी राजनीतिक दलों पर आरोप लगाते हुए कहा है कि नेताओं के द्वारा यूपी सरकार को बदनाम करने के लिए साजिश रची जा रही है. सरकार ने कहा है कि प्रदेश में दंगे कराने के लिए जानबूझकर और सुनियोजित तरीके से कोशिश की जा रही है. सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से हाथरस केस के गवाहों की सुरक्षा के लिए हलफनामा मांगा है.

 

वहीं हाथरस घटना को लेकर हो रहे प्रदर्शनों के बीच उत्तर प्रदेश पुलिस ने जातिगत संघर्ष भड़काने के प्रयास करने से लेकर देशद्रोह तक के आरोपों में राज्य भर में कम से कम 19 प्राथमिकियां दर्ज की हैं. हाथरस मामले में कार्रवाई को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ जारी प्रदर्शन के बीच पीड़ित परिवार के गांव गए आम आदमी पार्टी के शिष्टमंडल के साथ एक व्यक्ति की झड़प हो गई और उसने राज्यसभा सदस्य संजय सिंह पर स्याही फेंक दी.

हाथरस मामले के तूल पकड़ने के बाद यूपी सरकार ने 30 सितंबर को जांच के लिए गृह सचिव भगवान स्वरूप की अगुवाई में एसआईटी का गठन किया था. सात दिन में कमेटी को अपनी रिपोर्ट सौंपनी है. ये मियाद बुधवार को खत्म हो रही है. योगी आदित्‍यनाथ ने मामले की सीबीआई जांच की भी सिफारिश केंद्र से की है.

बता दें कि हाथरस में 14 सितंबर को 19 साल की दलित युवती के साथ कथित रूप से गैंगरेप की घटना के बाद उसने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था. माता-पिता की अनुमति के बिना देर रात उसका अंतिम संस्कार कर दिए जाने से मामला और बिगड़ गया.

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