powerful bombs in world (1)

अमेरिका के पास बम की ‘मां’, रूस के पास है ‘बाप’, ये भी जानिये

Last Updated on January 12, 2021, 10:11 AM by team

नई दिल्‍ली. आर्मीनिया (Armenia) और अजरबैजान (Azerbaijan) के बीच करीब 20 दिनों से युद्ध जारी है. दोनों देशों के बीच अंधाधुंध मिसाइलें, बम और गोलीबारी हो रही है. नार्गोनो-काराबाख (nagorno karabakh) में 26 सितंबर से शुरू हुए इस युद्ध (armenia azerbaijan) में अब तक दोनों देशों के 600 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. इसके बाद भी आर्मीनिया और अजरबैजान (armenia azerbaijan war) एक-दूसरे के खून के प्‍यासे हैं. इन दोनों देशों की जंग में अब दूसरे देश भी कूदने लगे हैं.

वहीं विशेषज्ञ आशंका जता रहे हैं कि अगर ऐसा ही चला तो दुनिया को एक महायुद्ध (World War) भी देखना पड़ सकता है. इस बीच हम आपको आज बताते हैं अमेरिका (United States) और रूस (Russia) के दो ऐसे बम के बारे में, जिन्‍हें दुनिया के सबसे शक्तिशाली बम (Worlds most powerful bomb) कहा जाता है. अमेरिका के पास ‘मदर ऑफ ऑल बम’ (Mother of All Bombs) है तो रूस के पास ‘फादर ऑफ ऑल बम है’ (Father of All Bombs). ऐसे में अगर महायुद्ध हुआ तो दुनिया बड़ी विनाशलीला देख सकती है.

अमेरिका का ‘मदर ऑफ ऑल बम’
अमेरिका के पास बेहद शक्तिशाली गैर परमाणु बम है. इसे ‘मद ऑफ ऑल बम’ (Mother of all bombs) कहा जाता है. इसका असली नाम जीबीयू-43/बी मैसिव ऑर्डनेंस एयर ब्‍लास्‍ट (GBU-43/B Massive Ordnance Air Blast) है. इसे अमेरिकी सेना ने साल 2003 में मैकएलेस्‍टर आर्मी एम्‍यूनिशन प्‍लांट में तैयार किया है. अमेरिका के पास ऐसे 15 बम हैं. मदर ऑफ ऑल बम का कुल वजन 9800 किलोग्राम है और यह 9.18 मीटर लंबा है. इसमें बेहद शक्तिशाली और विनाशक विस्‍फोटक भरा जाता है.

मदर ऑफ ऑल बम में 8500 किग्रा विस्‍फोटक की क्षमता
अमेरिका के मदर ऑफ ऑल बम (MOAB) में 8500 किग्रा विस्‍फोटक ले जाने की क्षमता है. मतलब अगर इससे कहीं पर वार किया जाएगा तो 8500 किलोग्राम विस्‍फोटक की ताकत से दुश्‍मन का नामोनिशान मिट जाएगा. इस बम की ताकत इतनी है कि जहां यह गिरता है, वहां 11 टन की ऊर्जा निकलती है. इसे ब्‍लास्‍ट यील्‍ड कहा जाता है. इससे कई किमी तक सबकुछ तबाह हो सकता है. इस बम का पहला टेस्‍ट 11 मार्च, 2003 को किया गया था. इसके बाद इस फ्लोरिडा में 21 नवंबर, 2003 को फिर टेस्‍ट किया गया था.

अमेरिका ने पहली बार ISIS पर गिराया मदर ऑफ ऑल बम
अमेरिका का मदर ऑफ ऑल बम (Mother of All Bombs) इतना भारी और शक्तिशाली है कि इसे सामान्‍य लड़ाकू विमान या अन्‍य विमान से नहीं ढोया व गिराया जा सकता है. इसे अमेरिका के बड़े ट्रांसपोर्ट विमान सी-130 हर्क्‍यूलिस से गिराया जाता है. अमेरिका ने पहली बार इस बम को 13 अप्रैल, 2017 को आतंकी संगठन इस्‍लामिक स्‍टेट ऑफ इराक (ISIS) पर गिराया था. इसे अफगानिस्‍तान के आचिन जिले में स्थित आईएसआईएस के आतंकी ठिकाने पर गिराया गया था. इसके दो दिन बाद अफगानिस्‍तान की सेना की ओर से जानकारी दी गई थी कि इस हमले में आईएसआईएस के 94 आतंकी मारे गए थे. इनमें बड़े आतंकी भी शामिल थे.

रूस का फादर ऑफ ऑल बम
कहा जाता है कि रूस का फादर ऑफ ऑल बम (Father of all Bomb) अमेरिका के मदर ऑफ ऑल बम से भी अधिक घातक है. इसका असली नाम एविएशन थर्मोबेयरिक बॉम्‍ब ऑफ इंक्रीज्‍ड पावर (Aviation Thermobaric Bomb of Increased Power) है. इसे रूसी सेना ने 2007 में विकसित किया था. इसका कुल वजन 7100 किलोग्राम है. यह बेहद घातक और विनाशक विस्‍फोटक ले जाने में सक्षम है. जब इसे गिराया जाता है तो इससे 44 टन टीएनटी की ऊर्जा निकलती है. इससे बेहद बड़ा इलाका पल भर में तबाह हो जाता है.

हवा से ऑक्‍सीजन लेकर बनता है विनाशक
रूस का फादर ऑफ ऑल बम या ATBIP दुश्‍मन पर वार करने से पहले हवा में मौजूद ऑक्‍सीजन का इस्‍तेमाल अधिक शक्तिशाली विस्‍फोट के लिए करता है. इसका पहली बार टेस्‍ट 11 सितंबर 2007 को किया गया था. इसका प्रभाव एक छोटे परमाणु बम की तरह होता है. जब यह बम फटता है तो बहुत अधिक तापमान या ऊर्जा निकलती है.

अमेरिका के MOAB से अधिक विनाशक है ATBIP
रूसी सेना के मुताबिक फादर ऑफ ऑल बम आकार में अमेरिका के मदर ऑफ ऑल बम से छोटा है. लेकिन यह उससे दोगुना अधिक विनाशक है. दरअसल इससे मदर ऑफ ऑल बम की तुलना में बहुत अधिक ब्‍लास्‍ट होता है. अमेरिका का मदर ऑफ ऑल बम 11 टन टीएनटी की ऊर्जा उत्‍पन्‍न करता है तो रूस का फादर ऑफ ऑन बम 44 टन टीएनटी की ऊर्जा उत्‍पन्‍न करता है.

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